माँ का आँचल
माँ का आँचल ठंडी छाँव,
जिसमें मिलता सारा गाँव।
रूठे दिन भी मान जाते हैं,
जब सिर पर उसका हाथ आए।
उसकी आँखों में प्रार्थना,
उसकी चुप्पी में संसार।
माँ के जैसा कौन यहाँ,
दे प्रेम बिना व्यापार।
जिसमें मिलता सारा गाँव।
रूठे दिन भी मान जाते हैं,
जब सिर पर उसका हाथ आए।
उसकी आँखों में प्रार्थना,
उसकी चुप्पी में संसार।
माँ के जैसा कौन यहाँ,
दे प्रेम बिना व्यापार।