देशभक्ति कविता

तिरंगे की शपथ

मिट्टी की सौंधी महक में,
वीरों की आवाज़ सुनाई देती है।
तिरंगे की हर लहर में,
भारत माँ मुस्काती रहती है।

चलो निभाएँ यह वचन,
मान रहे हर जन का मान।
देश रहे सबसे ऊपर,
यही हमारा सच्चा गान।

लेखक के बारे में

कबीर वर्माभोपाल

जीवन दर्शन और प्रेरक रचनाओं के लिए जाने जाते हैं।

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